हर साल करोड़ों युवा सरकारी नौकरियों के लिए परीक्षा देते हैं लेकिन सिस्टम में पेपर लीक, परीक्षा में देरी और सिर्फ 0.3 प्रतिशत सफलता दर जैसी समस्याएं लगातार बनी रहती हैं। स्थिरता, सुरक्षा और सामाजिक प्रतिष्ठा के कारण लोग सरकारी नौकरी की ओर आकर्षित होते हैं जबकि परीक्षा रद्द होने, कोचिंग फीस और मानसिक तनाव जैसी मुश्किलें बढ़ रही हैं। 2017 से 2024 के बीच 15 राज्यों में 70 पेपर लीक हुए जिनसे 1.7 करोड़ आवेदक प्रभावित हुए। एनटीए द्वारा 2024 में आयोजित 14 प्रमुख परीक्षाओं में से 5 में गंभीर अनियमितताएं देखी गईं। हर वर्ष लगभग 7 करोड़ आवेदन आते हैं लेकिन 2014 से 2022 के बीच केवल 7.22 लाख उम्मीदवारों का चयन हुआ। सरकारी नौकरियों में निश्चित वेतन, पेंशन और नौकरी की सुरक्षा जैसे फायदे लोगों को बार-बार इस रेस में बनाए रखते हैं। छोटे शहरों में सरकारी नौकरी को परिवार की प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है।